जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: कौड़िया चौराहे से दिल्ली फार्म को जोड़ने वाली इंटरलॉकिंग टाइल्स की सड़क पहली ही बरसात में बदहाली की भेंट चढ़ गई है। तेज बारिश के दौरान हुए पानी के बहाव में सड़क के किनारों की मिट्टी कटने से अधिकांश इंटरलॉकिंग टाइल्स उखड़कर बह गई हैं। इसके चलते पूरा मार्ग रोखड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, जबकि भारी वाहनों का आवागमन इस खतरे को और बढ़ा रहा है।
यह मार्ग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। कुछ माह पूर्व संबंधित विभाग ने सड़क की मरम्मत कर यहां इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई थीं, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पहली ही बरसात की परीक्षा में टिक नहीं पाई। तेज बहाव के कारण सड़क के किनारों का कटाव शुरू होते ही इंटरलॉकिंग टाइल्स जगह-जगह धंस गईं और कई स्थानों पर पूरी तरह बिखर गईं। सड़क पर फैली टूटी-फूटी टाइल्स के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर बारिश का पानी सीधे सड़क के बीच से बह रहा है, जिससे गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस मार्ग पर डामर की सड़क थी, जिससे आवागमन सुगम रहता था। बाद में डामर सड़क हटाकर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछा दी गईं, जो पहली ही बरसात में उखड़ गईं। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि वर्षाकाल में लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।