जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की बैठक में गोल्डन कार्ड व्यवस्था, चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति और पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स के घर जाकर उन्हें सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया।
पूर्व सैनिक कार्यालय में आयोजित बैठक का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष जयवीर सिंह रावत ने किया। बैठक में सदस्यों ने गोल्डन कार्ड योजना के संचालन, एकमुश्त दी गई राशि में की जा रही कटौती तथा इलाज पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि यदि सेवारत अथवा पेंशनर्स कर्मचारियों के चिकित्सा उपचार पर होने वाले खर्च में वृद्धि होती है, तो अतिरिक्त राशि का वहन सरकार को स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोल्डन कार्ड व्यवस्था लागू होने से पहले भी कर्मचारियों के इलाज पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा ही की जाती थी, इसलिए इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। बैठक में हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पेंशनर्स को आयु आधारित अतिरिक्त पेंशन लाभ देने का भी सुझाव रखा गया। सदस्यों ने मांग की कि वर्तमान में 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के बजाय 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर क्रमश: 5-5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की व्यवस्था लागू की जाए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनर्स के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र पंत, चित्रमणि देवलियाल, भारत भूषण रावत, हरीश कुंडलिया, सुनील नवानी, जेपी ध्यानी, केसीराम निराला, इंद्रमणि देवरानी, शिवर सिंह, बृजेंद्र सिंह और दिनेश चंद्र नेगी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।