ऋषिकेश। हरिद्वार की निजी बस कंपनी से संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने किनारा कर लिया है। यह कदम कंपनी के सहयोग नहीं करने पर उठाया गया है। सिर्फ कंपनी ही नहीं हरिद्वार की दो ट्रैवल एजेंसियों से नाता तोड़ा गया है। दावा है कि इससे यात्रा में बसों को लेकर किसी तरह की समस्या पैदा नहीं होने वाली है। रविवार को यात्रा बस अड्डे पर संयुक्त रोटेशन समिति कार्यालय में अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। सदस्यों ने रोटेशन में शामिल लग्जरी कोच वेलफेयर एसोसिएशन हरिद्वार को लेकर चर्चा की, जिसमें सामने आया कि कंपनी रोटेशन को किसी तरह का सहयोग नहीं कर रही है, जबकि रोटेशन से जुड़ने के दौरान 200 बसों की व्यवस्था की बात एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कही थी। सहयोग नहीं मिलने पर हरिद्वार की बस कंपनी को समिति से पृथक करने का निर्णय लिया गया। सदस्यों ने सर्वसम्मति से हरिद्वार की ही ट्रैवल एजेंसी त्रिमूर्ति और कोनार्क को रोटेशन से हटा दिया है। अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने बताया कि हरिद्वार की कंपनी अपनी शर्तों को लेकर आगे चल रही थी, जिसमें समिति से दशकों से जुड़ी बस कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। मौके पर टीजीएमओ अध्यक्ष जितेंद्र नेगी, यातायात के निवर्तमान अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड से भूपाल सिंह, जीएमओयू से अर्जुन सिंह रावत, सीमांत से चरण गड़िया, दून वैली से कृष्णकांत, जीएमसीसी से सरदार सिंह, अजय बधानी के अलावा बलबीर सिंह रौतेला, मेघा चौहान, प्रेमपाल बिष्ट, गजपाल सिंह, प्यार सिंह गनुसोला, भोलादत्त जोशी, दाताराम रतूड़ी, योगेश उनियाल, प्यारेलाल जुगलाण, प्रदीप कनवासी आदि मौजूद रहे।समिति ने अनिवार्य किया गमन-पत्रचारधाम यात्रा में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यात्री बसों को गमन-पत्र अनिवार्य रूप से लेना होगा। समिति से इस पत्र के बिना बस धामों के लिए जाती मिली, तो चेकपोस्ट से ही लौटा दिया जाएगा। संबंधित वाहन पर जुर्माना अगल से लगाया जाएगा। वहीं, हरिद्वार और ऋषिकेश से यात्री भरकर जाने वाली बसों को भी रोका जाएगा। इस तरह की बस मिलने पर उसे यात्रा पर नहीं जाने दिया जाएगा।अब रोटेशन में यह कंपनियां शामिलचारधाम यात्रा में दशकों से बस सेवा का संचालन कर रही संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति में फिर से नौ बस कंपनियां ही रह गई हैं। इनमें टीजीएमओ, जीएमओ, यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ, गढ़वाल मंडल कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, रूपकुंड पर्यटन विकास समिति, सीमांत सहकारी संघ लिमिटेड, दूनवैली कॉन्ट्रैक्ट कैरिज एसोसिएशन, गढ़वाल मोटर यूजर्स और गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय सहकारी समिति बस कंपनी शामिल हैं। इन कंपनियों ने दो हजार से ज्यादा बसों को यात्रा के लिए इस साल रिजर्व किया है।