कैसे दी जाएगी कोरोना टीकाकरण को लेकर जानकारी, सरकार ने जारी की रणनीति

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नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कोरोना वायरस टीकाकरण से संबंधित कम्युनिकेशन रणनीति जारी की जिसमें आशंकाओं को दूर कर टीके की स्वीकार्यता सुनश्चित करने के लिए सही और पारदर्शी सूचना उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इस 88 पन्नों के दस्तावेज में देश के सभी राज्यों में सभी लोगों को कोविड-19 टीकों और टीकाकरण की प्रक्रिया के बारे में सूचना उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तरीय कम्युनिकेशन गतिविधियों के बारे में व्यापक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
सोशल मीडिया के अलावा, मास मीडिया, आउटडोर मीडिया, कम्युनिटी ग्रुप्स जैसे- ग्राम सभा, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी, एनएसएस, स्काउट्स और गाडइ्स को जानकारी देने के लिए लगाया जाएगा। इसके अलावा, सेलिब्रिटीज, राजनेता, स्थानीय सेलिब्रिटीज, सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएर्स से भी टीकाकरण के लिए र्केपेन करने को कहा जाएगा।
मंत्रालय नेशनल मीडिया रेपिड रिस्पन्स सेल का भी गठन करेगा, जिसका काम वैक्सीन संबंधित खबरों का फैक्ट चेक करना होगा। वहीं, कम्युनिटी वट्सऐप ग्रुप्स जैसे- स्कूलध्पैरेंट्स ग्रुप, आरडब्ल्यूए, एसएचजी आदि को भी बनाया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि संवाद रणनीति में टीके के बारे में आशंकाओं को दूर कर इसकी स्वीकार्यता सुनिश्चित करने तथा इसे प्रोत्साहन देने के लिए उचित समय पर बिलकुल सही और पारदर्शी सूचना प्रचारित करने की बात कही गई है।
दस्तावेज के अनुसार, रणनीति टीके की मांग पूरी न होने और लोगों के बीच इसकी उत्सुकता को लेकर पैदा हो सकने वाली किसी संभावित निराशा को प्रबंधित और दूर करने पर केंद्रित है। यह किसी मिथक या गलत अवधारणा की वजह से टीके की सुरक्षा और प्रभाव संबंधी आशंकाओं के चलते टीका लगवाने में झिझक जैसी समस्या का समाधान करने पर भी केंद्रित है।
लोगों में विश्वास पैदा करने पर रणनीति
रणनीति टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान संभावित जोखिम के बारे में सूचना देने तथा किसी अवांछित संकट को कम करने पर भी केंद्रित है। मंत्रालय ने कहा कि रणनीति पारदर्शिता के जरिए कोविड-19 टीके में लोगों का विश्वास पैदा करने तथा इससे संबंधित किसी गलत सूचना और अफवाहों से निपटने पर भी केंद्रित है। इस उद्देश्य को मंत्रालय तीन तरह से हासिल करना चाहता है जिसमें सामाजिक प्रभाव या विशेषज्ञों का समर्थन, राष्ट्रीय मीडिया त्वरित प्रतिक्रिया प्रकोष्ठ स्थापित कर इसकी मदद लेने तथा सामुदायिक गतिशीलता एवं अग्रिम पंक्तियों के कर्मियों की मदद लेना शामिल है।

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