आगरा में बड़ा हादसा, तालाब में मिट्टी की ढाय गिरने से आठ बच्चे दबे, तीन की मौत

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आगरा, एजेंसी। साल 2020 का आखिरी दिन खत्घ्म होने से पहले आगरा में तीन परिवारों को जिंद्गी भर का दर्द दे गया है। गुरुवार शाम हुए बड़े हादसे में तीन बच्घ्चों की मौत हो गई है। सिकंदरा की रुनकता पुलिस चौकी के पीटे नगरा बस्ती में गुरुवार को तालाब में मिट्टी की ढाय गिर गई। उसमें खेलते आठ बच्चे दब गए। चीख-पुकार मचने पर जुटे ग्रामीणों और पुलिस ने एक घंटे चले रेस्क्यू के बाद बच्चों को बाहर निकाला। उन्हें एसएन इमरजेंसी और सिकंदरा हाईवे स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। इमरजेंसी में डाक्टरों द्वारा तीन बच्चों को मघ्ृत घोषित कर दिया गया। बच्चों की मौत से उनके परिवारों और कस्बे में कोहराम मच गया। बवाल की आशंका पर कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया है।
रुनकता कस्बे की नगरा बस्ती में निवर्तमान प्रधान द्वारा तीन दिन से पुराने तालाब की खोदाई का काम कराया जा रहा है। जेसीबी से खोदाई होने के चलते तालाब में 12 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। गुरुवार को काम बंद था। जेसीबी से खोदाई के चलते तालाब में गड्ढे के आसपास की मिट्टी पोली हो गई है। गुरुवार तीसरे पहर करीब चार बजे तालाब में नगरा बस्ती के 10-12 बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान यह बच्चे खेलते हुए गड्ढे के पास चले गए। मिट्टी की ढाय गिरने से राधा (9 वर्ष) और मीनाक्षी (7 वर्ष) पुत्री जीतेंद्र, आयुष (9 वर्ष) पुत्र पप्पू, नैना उर्फ सोनल(5 वर्ष) पुत्र हरिओम, पीयूष (8 वर्ष) पुत्र गिर्राज, देव (8 वर्ष) पुत्र दीप सिंह, अंकित (10 वर्ष) एवं दक्ष (5 वर्ष) पुत्र कप्तान सिंह दब गए। तालाब पर खेल रहे बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। बच्चों के मिट्टी की ढाय में दबने की जानकारी होते ही बस्ती के सैकड़ों लोग वहां जुट गए।
उन्होंने बच्चों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू कर दिया। हादसे की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी को बुलाकर मिट्टी को हटाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद बच्चों को बाहर निकाला। इनमें राधा, मीनाक्षी दक्ष और नैना को एसएन इमरजेंसी जबकि बाकी को सिकंदरा हाईवे स्थित अस्पताल में भर्ती कराया । एसएन इमरजेंसी में इलाज के दौरान मीनाक्षी, दक्ष और नैना की मौत हो गई। बच्चों की मौत की खबर मिलने पर उनके परिवार और कस्बे में कोहराम मच गया।उनमें आक्रोश फैल गया। बच्चों की मौत पर बवाल की आशंका के चलते कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
तालाब में मिट्टी की ढाय गिरने से आठ बच्चे दब गए थे। बच्चों को रेस्क्यू करके निकालने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान तीन बच्चों मीनाक्षी, नैना और दक्ष की मौत हो गई ।

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