कोच्चि,। केरल हाईकोर्ट ने कुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई युवती मोनालिसा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए हैं। मोनालिसा की याचिका पर अदालत ने सुनवाई करते हुए सेंट्रल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को जरूरी सुरक्षा देने का निर्देश दिया। मोनालिसा ने अदालत को बताया कि उसके गृह राज्य मध्य प्रदेश में उसकी जान को खतरा है और यदि वह वहां लौटती है तो सम्मान के नाम उसकी हत्या की जा सकती है। उसने यह भी कहा कि वह बालिग है और अपने भविष्य से जुड़े फैसले लेने का उसे पूरा अधिकार है। हालांकिमध्य प्रदेश सरकार ने उसके इस दावे का विरोध करते हुए कहा कि युवती अभी नाबालिग है। कुंभ मेले के दौरान वायरल हुई मोनालिसा ने 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के अरुमानुर में श्री नैनार देवी मंदिर में शादी कर ली थी। हालांकि इसके बाद शादी के समय उसकी उम्र को लेकर विवाद छिड़ गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में पाया गया कि शादी के समय लड़की की उम्र सिर्फ 16 साल थी। आयोग ने महेश्वर सरकारी अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र का हवाला दिया, जिसमें उसकी जन्म तिथि 30 दिसंबर, 2009 को शाम 5:50 बजे दर्ज है।
हालांकि, तिरुवनंतपुरम पुलिस के सामने लड़की द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में उसकी जन्म तिथि 1 जनवरी, 2008 दिखाई गई, जिससे पता चलता है कि वह बालिग थी।
आयोग ने आरोप लगाया है कि लड़की द्वारा जमा किया गया जन्म प्रमाण पत्र जाली था।
कुंभ मेले के दौरान लड़की के सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। उसकी उम्र और शादी की वैधता को लेकर विवाद बाद में केरल और मध्य प्रदेश के अधिकारियों के बीच कानूनी लड़ाई में बदला।
अब जब हाईकोर्ट ने सुरक्षा का निर्देश दिया है, तो पुलिस अधिकारियों को उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है, जबकि उसकी उम्र, शादी और धमकियों के आरोपों से जुड़े कानूनी मुद्दों की जांच जारी है।