जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के निवेशकों ने कंपनी के फरार संचालकों की संपत्ति कुर्क कर डूबी हुई धनराशि वापस दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को भी तहसील परिसर में धरना जारी रखा। पीड़ितों का कहना है कि वे पिछले 368 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सुरेश सिंह नेगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निवेशक तहसील परिसर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी के संचालकों ने धनराशि दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से निवेश कराया। बेहतर रिटर्न के लालच में सैकड़ों लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत कंपनी में जमा कर दी, लेकिन बाद में कंपनी के कार्यालय बंद हो गए और संचालक फरार हो गए। इससे निवेशकों की करोड़ों रुपये की जमा पूंजी फंस गई। पीड़ितों ने मांग की कि फरार संचालकों की चल-अचल संपत्तियों को तत्काल कुर्क कर उनकी नीलामी की जाए और उससे प्राप्त धनराशि निवेशकों को लौटाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने में बबीता रावत, सुनीता रावत, तृप्ति नेगी, अंजू डबराल, वीरेंद्र रावत, संदीप रावत, आरती, शोभा कुकरेती, दीपा नेगी, सरोज गौड़, सुनीता नेगी, राजेंद्र भंडारी, हरेंद्र रावत, प्रदीप नेगी, उमेद सिंह, बलबीर नेगी और हेमा पंवार सहित अन्य पीड़ित मौजूद रहे।