जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने गुरुवार को सिम्मलचौड़ स्थित नारी पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में रह रही महिलाओं और युवतियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान केंद्र में रह रही महिलाओं और युवतियों ने आयोग अध्यक्ष के समक्ष कॉलेज आने-जाने तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर कुसुम कंडवाल ने अधिकारियों को शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने और महिलाओं की सुविधा के अनुरूप आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नारी पुनर्वास केंद्र केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल और आत्मनिर्भर बनने का अवसर देने का माध्यम है। सरकार का उद्देश्य है कि यहां रहने वाली प्रत्येक महिला को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के साथ बेहतर भविष्य मिल सके। आयोग अध्यक्ष ने केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि यहां से पुनर्वास प्राप्त कर चुकी एक युवती वर्तमान में बीटेक की पढ़ाई कर रही है, जो केंद्र की सकारात्मक कार्य प्रणाली का प्रमाण है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़े सभी मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए तथा किसी भी प्रकार की सुविधा में कमी न रहने दी जाए। निरीक्षण के अंत में उन्होंने निरीक्षण पंजिका में अपने सुझाव दर्ज किए और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि केंद्र में रह रही महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और समुचित देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता हो। इस अवसर पर विभाग की प्रशासनिक अधिकारी विजयलक्ष्मी भी उपस्थित रहीं।