महिलाओं ने सरकार से लगाई जगंली जानवरों से सुरक्षा की गुहार

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जयन्त प्रतिनिधि।
चौथान। चौथान के घीमंडिया के बाद अब सस्यूंसाल गांव की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से गुलदार के हमले से सुरक्षा की गुहार लगाई है। महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र के आस-पास पिछले लगभग एक माह में गुलदार के आधा दर्र्जन हमले हुए हैं और सब में महिलाओं को ही निशाना बनाया गया है। इस पत्र को गांव की महिला मंगल दल और प्रधान दीपा बिष्ट ने सामूहिक तौर पर लिखा है। दो दिन पहले क्षेत्र के घीमंडिया गांव से भी महिलाओं ने चिठ्ठी लिखकर ये ही समस्याएं उठायी थी।
महिलाओं का कहना है कि वे अपनी तरफ से सावधानी बरत रही हैं फिर भी गांव के जंगल से चारापत्ती लाने और खेतों में काम करते हुए जान का खतरा बना रहता है। अभी भी कई ग्रामीण पशुपालन से जीविका कमा रहे हैं और पालतू पशुओं को बचाने के लिए उनको रात बेरात गांव में चौकसी करनी पड़ रही है। पिछले कुछ दिनों में गुलदार का कोई हमला सामने नहीं आया है परन्तु अभी तक इसे पकड़ा भी नहीं जा सका है। महिलाओं के अनुसार सबसे बड़ी दिक्कत क्षेत्र में समय से उपचार ना मिलने की है और आपातकाल में वे अपने आपको पूरी तरह असहाय महसूस करती हैं। राज्य बनने के बीस बरस बाद भी उन्हें उपचार के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। उनका कहना है कि पहले ही पहाड़ में महिलाएं अनेक समस्याओं का सामना कर रही हैं ऊपर से जंगली जानवरों का खतरा एक नई मुसीबत बनता जा रहा है। इससे पहले भी क्षेत्र में जंगली सूअर, भालू के जानलेवा हमले सामने आएं हैं जिनमें लोगों को तत्काल उपचार सुविधा मिलने में भारी दिक्कतों को सामना करना पड़ा है। महिलाओं ने सरकार से इन समस्याओं के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाने और क्षेत्र में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने की मांग की है। पत्र भेजने वालों में पुष्पा देवी, दीपा देवी, आनन्दी देवी, कमला देवी, घना देवी, सुनीता, कलावती, पिंकी, राजी, कुसुम, मीना, लक्ष्मी, बसन्ती, तारा देवी आदि शामिल थे।

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