एक महीने भी नहीं टिक पाए नगर निगम के चैंबर

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गाड़ीघाट क्षेत्र में क्षतिग्रस्त चैंबरों की करवाई गई थी मरम्मत
जगह-जगह अंदर धंसे चैबरों से बना है हादसों का अंदेशा
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: जन समस्याओं के नाम पर नगर निगम केवल खानापूर्ति कर रहा है। इसका एक उदाहरण गाड़ीघाट-कुंभीचौड़ मार्ग में देखने को मिला, जहां लंबे समय के बाद निगम ने क्षतिग्रस्त चैंबरों की मरम्मत करवाई। लेकिन, यह चैंबर मरम्मत के एक माह तक भी नहीं टिक पाए। नतीजा जगह-जगह अंदर को धंस चुके चैंबरों से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है।
नगर निगम बनने के बाद जनता को बेहतर विकास की उम्मीद थी। लेकिन, नगर निगम जनसमस्याओं को लेकर लापरवाह बना हुआ है। हालत यह है कि गाड़ीघाट तिराहे के समीप सड़क पर पिछले पांच माह से चैंबर टूटे हुए थे। आमजन की लाख शिकायतों के बाद कुछ दिन पूर्व ही नींद से जागे नगर निगम ने चैंबर की मरम्मत करवाई थी। मरम्मत के नाम पर चैंबर के बीच लगाए गए लोहे का जाल टूट चुका हैं। गाड़ीघाट निवासी शहजाद अली, दानिश ने बताया कि चैंबर की स्थिति यह है कि यदि रात के समय किसी व्यक्ति का इसके ऊपर पैर पड़ा तो वह सीधे नाले के अंदर होगा। चैंबर में मजबूत जाल लगाने के लिए स्थानीय लोग कई बार निगम से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन, हर बार खानापूर्ति ही की जाती है।

रात के अंधेरे में बना है खतरा
गाड़ीघाट क्षेत्र में टूटे हुए चैंबरों से सबसे अधिक खतरा रात के समय बना हुआ है। दरअसल, रात के अंधेरे में टूटे हुए चैंबर दिखाई नहीं देते। ऐसे में कब हादसा हो जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। गाड़ीघाट क्षेत्र में एक के बाद एक स्थान पर करीब तीन से अधिक चैंबर टूटे हुए हैं।

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