-पूर्व टीएमसी विधायक के बेटे से इमरान से पूछताछ
कोलकाता, दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ के पूर्व तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला के आवास पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने आज सुबह बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम भारी पुलिस बल और केंद्रीय बल के साथ उनके जीवनतला स्थित घर पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। एजेंसी ने इस दौरान शौकत के बेटे इमरान मोल्ला से पूछताछ की। एनआईए की टीम फहले से चर्चित शौकत के बेटे इमरान मोल्ला मौखाली नदी तट पर बने अलीशान कैफे को लेकर भी पूछताछ की। यह कार्रवाई विधानसभा चुनावों से पहले हुए बम धमाके के मामले के सिलसिले में की गई है। एनआईए ने सुबह जीवनतला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मौखाली गांव में विधायक शौकत मोल्ला के आवास पर छापा मारा। कई गाड़ियों में अधिकारी सुबह ही शौकत मोल्ला के आवास पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी अभियान बड़ी संख्या में केंद्रीय बल के जवानों की मौजूदगी में शुरू हुआ। टीएमसी विधायक के आवास पर एनआईए की छापेमारी के बाद शौकत मोल्ला की पत्नी सायेर बानू मोल्ला ने कहा, “मेरे बेटे ने मुझे फोन किया। उस समय मैं घर पर नहीं थी।”
फिलहाल, छापेमारी के दौरान बरामदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बता दें कि दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके में बंगाल चुनाव के दौरान हुए बम धमाका हुआ था। यह धमाका राज्य विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। नौशाद सिद्दीकी की पार्टी, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने इस घटना की एनआईए जांच की मांग की थी। बाद में, एनआईए ने जांच की जिम्मेदारी संभाल ली। जांच के हिस्से के तौर पर एनआईए शौकत के घर और उनके पार्टी दफ्तर पर छापा मार रही थी। सूत्रों ने बताया कि एनआईए अधिकारियों के छापा मारने के लिए पहुंचने से पहले ही शौकत घर से फरार हो गए थे। इससे पहले, एनआईए ने बम धमाके की जांच के सिलसिले में तृणमूल नेता वाहिदुल इस्लाम समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। शौकत कैनिंग पुरबा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल के पूर्व विधायक हैं। वह 2016 और 2021 में लगातार दो बार इस क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन आईएसएफ उम्मीदवार नौशाद से हार गए थे। उन्हें तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है और उन्होंने एक पार्टी के कद्दावर नेता के तौर पर दक्षिण 24 परगना जिले में अभिषेक बनर्जी की पकड़ मजबूत करने में मदद की थी।