प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार मामले में राहत नहीं, हाई कोर्ट ने सजा निलंबन से इंकार किया

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बेंगलुरु,कर्नाटक हाई कोर्ट ने बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जेल की सजा को निलंबित करने से इंकार कर दिया है। न्यायमूर्ति केएस मुदगल और वेंकटेश नाइक की खंडपीठ ने कहा कि रेवन्ना को राहत देने से गवाहों को प्रभावित करने की संभावना बढ़ सकती है। जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते रेवन्ना ने याचिका दायर कर जेल की सजा को निलंबित करने और जमानत मांगी थी।
कोर्ट ने कहा, सभी साक्ष्यों, अपराध की गंभीरता और अपीलकर्ता को जमानत पर रिहा करने से उसके खिलाफ लंबित अन्य मामलों पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच करने के बाद, अदालत ने फैसला किया है कि यह जमानत देने या सजा को निलंबित करने का उपयुक्त मामला नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अन्य संबंधित मामले अभी भी अदालत में चल रहे हैं, अगर सजा निलंबित होती है तो पूरी संभावना है कि अभियुक्त गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
अप्रैल 2024 में प्रज्वल के सैकड़ों सेक्स टेप सामने आए, जिनमें वह महिलाओं की मर्जी के बिना संबंध बनाते नजर आया था। प्रज्वल की घरेलू सहायिका ने सबसे पहले शिकायत दर्ज कराई। बाद में अन्य मामले भी सामने आए। इस बीच प्रज्वल जर्मनी भाग गया। एसआईटी ने 31 मई को प्रज्वल को जर्मनी से लौटने पर गिरफ्तार किया। वह लोकसभा चुनाव भी हार गया। 2 अगस्त को कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

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