24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी
जयन्त प्रतिनिधि।
देहरादून : सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वर्षाकाल के दौरान सर्वाधिक प्रभावित ग्रामीण सड़कें होती हैं। इसलिए ग्रामीण सड़कों को युद्धस्तर पर खोलने की कार्रवाई की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं राहत सामग्री की उपलब्धता प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्रदेशभर में वर्षा से उत्पन्न स्थिति, मौसम पूर्वानुमान, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों के लिए जारी चेतावनियों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सभी विभाग 24 घंटे अलर्ट मोड पर कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई के लिए मौसम विभाग द्वारा नैनीताल, ऊधमसिंहनगर एवं चम्पावत जनपदों में रेड अलर्ट, जबकि पौड़ी गढ़वाल, देहरादून एवं बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके मद्देनजर सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के समीप निवास कर रहे लोगों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां कार्यरत श्रमिकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आवश्यक होने पर कार्य अस्थायी रूप से रोकने तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा आदि उपस्थित रहे।
प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पर्वतीय एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। नदी-नालों, गाड़-गदेरों तथा जल भराव वाले क्षेत्रों के समीप न जाएं और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें तथा केवल शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।