पढ़िए: कोटद्वार में यह नजारा किसी जलजले का नहीं तो किसका है

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। जनपद पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार शहर में मुख्य मार्ग पर स्थित बाजार की सड़कें ईंट, पत्थर, सरिया से पटी हुई है। बाजार में यातायात एवं पैदल यात्रियों को आने जाने से रोकने के लिए बेरिकेट दिखाई दे रहे है, भूल से कोई जब इन सड़कों पर चल रहा है तो आसपास खड़े व्यापारी उन्हें चिल्लाकर होने वाले खतरे के बारे में बताते है तो राहगीर चौंक कर दौड़ भागता है। कोटद्वार के बाजार में बदरीनाथ मार्ग व नजीबाबाद रोड़ पर यह जलजला किसी आपदा के कारण नहीं आया है बल्कि कोटद्वार में कुछ व्यापारियों द्वारा नजूल एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर कब्जा करने के कारण आया है।
हाईकोर्ट नैनीताल द्वारा समाज सेवी मुजीब नैथानी की जनहित याचिका पर दिये गये आदेश के तहत जब प्रशासन ने बदरीनाथ मार्ग व नजीबाबाद रोड पर बाजार में हुए अतिक्रमण को आज गुरूवार को सुबह हटाना शुरू किया तो अतिक्रमणकारियों द्वारा खुद अतिक्रमण हटाने को कहा। जिससे प्रशासन व नगर निगम की जेसीबी लौट आई और अतिक्रमणकारियों द्वारा खुद ही अपने अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया। कुछ अतिक्रमित तीन मंजिल भवनों को ऊपर से तोड़ा जा रहा है, जिससे पूरे बदरीनाथ मार्ग में आवाजाही करने में जान को खतरा बन गया है। इसको रोकने के लिए व्यापारियों द्वारा खुद ही बेरिकेट लगाकर जनता को रोका जा रहा है। गुरूवार को सुबह उपजिलाधिकारी योगेश सिंह मेहरा के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। एसडीएम तीन टीमों के साथ अतिक्रमण हटवाने पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी मशीन लेकर मस्जिद के पास से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की गई। मस्जिद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर जेसीबी मशीन से अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। अभियान के दौरान दुकानों के सामने लगे टीन शेड हटवाए गए। साथ ही अतिक्रमण कर रहे होर्डिंग्स को भी हटाया गया। दुकानों के सामने रखा सामान हटवाया गया। दुकानों के सामने ठेला और फड़ लगाने वाले खुद अपना सामान भरने लगे। लालबत्ती चौराहे से लेकर मालवीय तहसील के पास तक अतिक्रमणकारी स्वयं ही अतिक्रमण हटाने में जुटे हुए है। मजदूर तीन मंजिला भवनों को ऊपर से तोड़ने में लगे हुए है। जिस कारण सड़क पर ईंट, पत्थर, सरिया बिखरे पड़े हुए है। मजदूर सड़क से ईंट, पत्थर, सरिया सहित अन्य सामान को उठाने में लगे हुए है। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार चलाया जाएगा। अतिक्रमण किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बता दें विगत 18 नवंबर को एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने नगर निगम की नजूल भूमि और बदरीनाथ मार्ग से अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किया था। अतिक्रमण को चिन्हित करने के लिए उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा ने नगर निगम, प्रशासन व राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की तीन संयुक्त टीमें गठित की गई थी। टीमों ने लालबत्ती चौराहे से मालवीय उद्यान तक करीब 137 अतिक्रमण चिह्नित किए। जबकि मालवीय उद्यान से गिवईस्रोत के मध्य करीब 35 अतिक्रमण चिन्हित किये गये थे।

कोटद्वार में यातायात रहा डायवर्ट
कोटद्वार शहर में बदरीनाथ मार्ग पर गत बुधवार से प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की थी, जो गुरूवार को भी जारी रही। इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को डायवर्ट किया गया है।

गुरूवार सुबह करीब आठ बजे अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की जेसीबी चलनी शुरू हो गई। ऐसे में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। झण्डाचौक से लेकर बदरीनाथ मार्ग पर यातायात को सुरक्षा की दृष्टि से बंद किया गया है। सीओ कार्यालय, हनुमान मंदिर, पटेल मार्ग सहित अन्य मुख्य स्थानों पर बेरिकेंटिग की गई है। ताकि कोई भी वाहन झण्डाचौक और बदरीनाथ मार्ग पर ना आ सके। उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद से आने वाली बसों को लालबत्ती चौक पर ही रोका गया, जबकि अन्य वाहनों को पटेल मार्ग से होते हुए तहसील तिराहे से पहाड़ के लिए संचालित किया गया। वहीं, पहाड़ से आने वाले वाहनों को भी परिवर्तित मार्ग से संचालित किया गया। यातायात व्यवस्था बनाने के लिए जगह-जगह पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। कार्रवाई के दौरान झंडाचौक पर दुपहिया वाहनों का प्रवेश भी रोक दिया गया था।

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