फूलों की घाटी खुली, पर पर्यटकों की एंट्री पर रोक

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संवाददाता, चमोली। दुनिया की सबसे खूबसूरत घाटियों में सुमार विश्व धरोहर वेली आफ फ्लावर नेश्नल पार्क, सोमवार एक जून को खोल दी गई है। लेकिन घाटी में खिलने वाले रंग बिरंगे फूलों के दीदार पर्यटक कब कर सकेंगे इसपर संशय बरकरार है। कोरोना संक्रमण के कारण वन विभाग ने सरकारी आदेश आने तक घाटी में सभी प्रकार की बाहरी आवाजाही पर रोक लगा दी है। 1982 में फूलों की घाटी को राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिलने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि जब फूलों की घाटी खुलते दिन एक भी पर्यटक घाटी के दीदार करने नही गया। वहीं दूसरी ओर फूलों के संसार में रंग बिरंगे फूल अपनी छटा बीखरने लगे हैं। 87.5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी में प्रारंभिक 12 किमी में लगभग 10 प्रजाति के रंग बिरंगे फूल खिलने लगे हैं जो घाटी को काफी आक्रषक बना रहे हैं। घोसाघाट, बामणबौड, मेरी क्रब, नागताल, पिकनिक स्पाट अभी तक रंग बिरंगे फूलों से गुलजार हो चुके हंैं इन जगहों पर पोटैंटिला, प्रिमूला, वाइल्ड रोज, सन फ्लावर समेत कुछ अन्य प्रजातियों के फूल अपनी छटा बिखेरने लगे हैं। तो वहीं घाटी में अभी भी छह से अधिक जगहों में हिमखंड पसरे हुए हैं। वेली आफ फ्लावर दुनिया की उन चुनिंदा घाटियों में सुमार है जहां मौसमवार दुनिया के अलग अलग देशों में खिलने वाले 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। किशन चन्द्र डीएफओ कहते हैं कि पिछले वर्ष 17 हजार 645 पर्यटक घाटी में पहुंचे थे जिससे वन विभाग को 27 लाख 60 हजार की आमद हुई थी। लेकिन इस बार घाटी में पर्यटकों की आवाजाही कब होगी यह सरकार के निर्देश पर निर्भर करता है। फूलों की घाटी नेशनल पार्क के यह रेंज अधिकारी बृजमोहन भारती ने इस बात की पुष्टि की कि सोमवार को घाटी खोल दी गई है। व सात वन कर्मी भी घाटी के प्रवेश द्वारा घांगरिया में तैनात कर दिए गए हैं। वन विभाग द्वारा नियमित घाटी में गश्त की जाएगी।

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