बागेश्वर। विकासखंड गरुड़ के ग्वाडपजेड़ा गांव में मंगलवार को आयोजित “सरकार जनता के द्वार” कैंप एवं तहसील दिवस ग्रामीण जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभरा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने पेयजल, स्वास्थ्य, आवास और श्रम विभाग से जुड़ी अनेक समस्याएं खुलकर रखीं, जिन पर अधिकारियों ने गंभीरता से सुनवाई करते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी गरुड़ वैभव कांडपाल ने की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
तहसील दिवस में सबसे अधिक चिंता का विषय गांव में पेयजल संकट और मूलभूत सुविधाओं की कमी रही। ग्रामीणों ने जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराया कि गर्मियों के दौरान कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी केंद्र में किचन व्यवस्था की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बैठक के दौरान श्रम विभाग की योजनाओं के लाभ से वंचित लोगों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने मांग की कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए। इस पर प्रशासन की ओर से योजनाओं की पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात कही गई।
उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल ने जानकारी दी कि आगामी 1 जुलाई से जीरामजी योजना के अंतर्गत गौशाला एवं आवास सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से दवाओं की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी भी ली। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
तहसील दिवस में सुरक्षा दीवार निर्माण, आवासीय समस्याएं तथा अन्य आधारभूत विकास कार्यों को लेकर भी ग्रामीणों ने अपनी मांगें रखीं। ग्राम प्रधान मनोज कुमार समेत अनेक ग्रामीणों ने गांव की प्रमुख समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। अधिकारियों ने अधिकांश शिकायतों के त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाते हुए लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।
ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का यह मंच क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास और अपेक्षाएं दोनों मजबूत होती दिखाई दीं।