देहरादून। मुस्लिम सेवा संगठन ने मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के स्तर से थानो जामा मस्जिद को सील किए जाने की कार्रवाई का विरोध किया। शुक्रवार को कई लोग गांधी रोड स्थित पुराने रोडवेज बस स्टैंड पर एकत्रित हुए। लेकिन पुलिस ने सभी को बेरीकेडिंग लगाकर डीएम कर्यालय कूच करने से रोक दिया। दोनों पक्षा में नोकझोंक हुई। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत करवाया गया। संगठन ने कहा कि मस्जिद केवल इबादत का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक सहयोग, नैतिक शिक्षा और भाईचारे का केंद्र भी रही है। ऐसे में इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और कई सवाल खड़े हुए हैं। संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी और उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि यदि किसी प्रकार का प्रशासनिक, तकनीकी या भूमि संबंधी विवाद था तो उसका समाधान संवाद, नोटिस और वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी धार्मिक स्थल के संबंध में कठोर कार्रवाई अंतिम विकल्प होनी चाहिए। संगठन ने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी पक्षों को सुनकर न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए। इस दौरान कुछ लोग तिरंगा लेकर पहुंचे थे। लोगों ने नारेबाजी कर, काली पट्टी बांधकर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान महासचिव अर्जेतशा सद्दाम, मौलाना हाशिम, रमीज राजा, नाजिम खान, अकरम, राशिद कुरैशी, साजिद अल्वी, कैफ खान, तनवीर खान, दानिश कुरैशी, सरदार खान आदि मौजूद रहे।