23 जून को देहरादून में निकाली जाएगी सचिवालय हुंकार रैली
जयन्त प्रतिनिधि।
थलीसैंण : अनु. जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन, उत्तराखंड द्वारा अपनी 19 सूत्रीय मांगों को लेकर चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन को जनपद पौड़ी गढ़वाल में व्यापक समर्थन मिल रहा है। संगठन के पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समाजहितैषियों ने 23 जून 2026 को देहरादून में आयोजित होने वाली सचिवालय हुंकार रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।
जिलाध्यक्ष हरीश चंद्र ने बताया कि संगठन विगत दो माह से लगातार ऑनलाइन एवं ऑफलाइन बैठकों, ज्ञापन कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और विभिन्न संगठनों से संवाद के माध्यम से समाज को जागरूक करने का कार्य कर रहा है। 26 मई 2026 को तहसील एवं उपतहसील स्तर पर ज्ञापन सौंपे गए, 9 जून 2026 को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया तथा महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल, उत्तराखंड को भी रजिस्टर्ड डाक से ज्ञापन भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति, पद या संगठन विशेष का नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक सम्मान, प्रतिनिधित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। हरीश चंद्र ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अधिकार कभी खामोशी से नहीं मिलते, उनके लिए संगठित होकर संघर्ष करना पड़ता है। यदि हम आज भी उदासीन रहे, तो आने वाली पीढ़ियां हमसे प्रश्न करेंगी कि जब समाज और अधिकारों की रक्षा का समय था, तब हम कहां थे। उन्होंने कहा कि संगठन के साथ खड़ा होना केवल दायित्व नहीं, बल्कि समाज और संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अब समय व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सामूहिक हितों के लिए एकजुट होने का है। उन्होंने जनपद पौड़ी गढ़वाल के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समाजहितैषियों से 23 जून को परेड ग्राउंड, देहरादून पहुंचकर सचिवालय हुंकार रैली को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो समाज जागता है, वही अपने अधिकारों की रक्षा करता है और जो संगठित होता है, वही इतिहास रचता है।