जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जगदीशपुर स्थित शिवशक्ति मंदिर में मंगलवार को विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर शिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया गया। पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा महात्म्य के साथ चंचुला और विंदुक प्रसंग का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राधा-कृष्ण कीर्तन मंडली द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के बीच कलश स्थापना से हुई। इसके बाद कथा व्यास आचार्य राकेश चंद्र लखेड़ा ने शिव महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव की कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक सोच और आत्मिक शांति का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिव कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सद्मार्ग की ओर प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम भी है। आचार्य लखेड़ा ने चंचुला एवं विंदुक की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए उसके आध्यात्मिक और नैतिक संदेशों को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा, अटूट भक्ति और सत्कर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति जीवन की अनेक कठिनाइयों पर विजय प्राप्त कर सकता है। कथा के दौरान श्रद्धालु पूरे समय भक्ति भाव में डूबे रहे और भगवान शिव के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।