देहरादून। उत्तराखंड में एसआईआर से संबंधित दावे और आपत्तियों की सुनवाई न्याय पंचायत और वार्ड स्तर पर होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में निर्देश दिए। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को कुमाऊं और गढ़वाल के मंडलायुक्तों व सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी चरणों जैसे ड्राफ्ट पब्लिकेशन, नोटिस फेज और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के दौरान मतदाताओं को मानसून के कारण कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान पर्वतीय जिलों में सड़कें बंद होने या आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके लिए पहले से ही विशेष इंतजाम किए जाएं। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में दावे-आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर बनाकर कैंप लगाने का रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए।
वहीं, मैदानी क्षेत्रों के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का सहित अधिकारी उपस्थित रहे।