तीनों विकासखंडों में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने दी उत्साहपूर्ण सहभागिता
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रायोजित तथा प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के उत्थान के उद्देश्य से उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार की स्थापना के उपरान्त प्रतिवर्ष प्रदेशभर में खण्ड स्तर से लेकर प्रान्त स्तर तक विभिन्न संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2025 के तहत संस्कृत समूहगान, संस्कृत नृत्य, संस्कृत नाटक, संस्कृत वाद-विवाद, संस्कृत आशु भाषण एवं श्लोक उच्चारण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
14 नवम्बर को कनिष्ठ वर्ग तथा 15 नवम्बर को वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं का जनपद रुद्रप्रयाग के तीनों विकासखंडों में उत्साह पूर्वक एवं सफल आयोजन किया गया। प्रत्येक आयोजन का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण के साथ विधिवत रूप से किया गया। राइका रामाश्रम, जखोली में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सी.पी. सती, वित्त अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा रुद्रप्रयाग, विशिष्ट अतिथि एम.आर. मैंदुली, सहायक निदेशक, संस्कृत शिक्षा रुद्रप्रयाग द्वारा किया गया। अतिथिगणों ने संस्कृत भाषा की महत्ता, उपादेयता, वैज्ञानिकता तथा इसकी सार्वभौमिक लोक ग्राह्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा में विश्व मंगल की भावना निहित है, अत: इसे जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। जनपद के तीनों विकासखंडों के जखोली, अगस्त्यमुनि एवं ऊखीमठ में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रा.बा.इ.का. अगस्त्यमुनि एवं डॉ. जैक्सवीन स्कूल, गुप्तकाशी में भी प्रतियोगिताएं सफलता पूर्वक आयोजित हुईं। सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा रुद्रप्रयाग एम.आर. मैंदुली ने बताया कि खंड स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त छात्र आगामी 26 एवं 27 नवम्बर को आयोजित होने वाली जनपद स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता (अ.उ.रा.इ.का. रुद्रप्रयाग) में प्रतिभाग करेंगे। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी आगे राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस मौके पर खंड संयोजक भगवती प्रसाद भट्ट, जगदम्बा प्रसाद चमोली, महामाया प्रसाद भट्ट, अरुण कुमार भट्ट, विनोद मियां, योगेश उनियाल, पंकज पंत, आशा देवी, पूजा, रोशनलाल विजल्वाण आदि मौजूद थे।