जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के ‘मिशन कोशिश’ कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड एकेश्वर के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हिंदी एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षकों के लिए नौगांवखाल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षण पद्धतियों को अधिक प्रभावी बनाना और विद्यार्थियों की भाषा दक्षता को सुदृढ़ करना रहा।

कार्यशाला का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी गुंजन अमरोही ने किया। उन्होंने शिक्षकों से दैनिक शिक्षण गतिविधियों को अधिक प्रभावशाली बनाने, विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों को साझा करने तथा सुधारात्मक शिक्षण (रिमेडियल टीचिंग) के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार कर उसे सफलता पूर्वक लागू करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान हिंदी भाषा सत्र में ‘रहीम के दोहे’ विषय पर लय-ताल के साथ सस्वर वाचन कराया गया। साथ ही दोहों के भावार्थ, काव्य-सौंदर्य, रस, अलंकार और छंद की विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने विषयवस्तु को विद्यार्थियों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के व्यावहारिक उपाय भी बताए। कार्यशाला में विकासखंड के दस संकुलों से आए 45 हिंदी एवं अंग्रेजी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। हिंदी विषय में बीआरपी अरविंद सिंह और गणेश पसबोला, जबकि अंग्रेजी विषय में श्वेता कठैत एवं मनीषा पाल ने संदर्भदाता के रूप में प्रशिक्षण दिया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के ऋषभ और अर्चना ने भी भाषा शिक्षण की नवीन पद्धतियों और प्रभावी रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला का संचालन प्रशिक्षण नोडल अधिकारी यतेंद्र मोहन धस्माना एवं दीपिका रावत ने किया।