कोटद्वार-पौड़ी

भगवान भरोसे चल रही तहसील कोटद्वार, कई पद चल रहे खाली

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जनपद की सबसे संवेदनशील तहसील होने के बावजूद महीनों से चल रहे कई पद खाली, लोगों को उठानी पड़ रही है परेशानीजयन्त प्रतिनिधि।

कोटद्वार : जनपद पौड़ी गढ़वाल की सबसे संवेदनशील तहसील कोटद्वार भगवान भरोसे चल रही है। यहां महीनों से कई पद रिक्त चल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार सबकुछ जानने के बावजूद इस समस्या के निस्तारण के लिए कोई कदम उठाने को तैयार नहीं हैं। जिसका नतीजा है कि क्षेत्र के लोगों को रोज तहसील के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण उनके काम नहीं हो रहे हैं।

नगर निगम कोटद्वार की बात करें तो यहां की जनसंख्या करीब एक लाख 35 हजार है। इतने लोग तो कोटद्वार तहसील पर निर्भर हैं हीं, साथ ही आसपास के क्षेत्रों के लोग भी यहां रोज अपने कार्यों को लेकर आते हैं। जनसंख्या के लिहाज से जनपद की सबसे बड़ी तहसील होने के बावजूद सिस्टम यहां स्टाफ की नियुक्ति को लेकर उदासीन बना हुआ है। कोटद्वार तहसील में दो नायब तहसीलदार समेत कई महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैं। जिससे लोगों को जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र समेत दाखिल खारिज को लेकर रोज तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। एक तरफ सरकार तहसील से संबंधित अधिकांश कार्यों को घर बैठे करवाने का दावा कर रही है, वहीं तहसीलों में स्टाफ की नियुक्ति को लेकर कंजूसी बरत रही है। जिससे सरकार की योजनाएं हवाई साबित हो रही हैं।

तहसील में व्याप्त अव्यवस्थाओं से अधिवक्ता भी परेशान

कोटद्वार तहसील में व्याप्त अव्यवस्थाओं से आमजन के साथ अधिवक्ता भी काफी परेशान हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार पंत का कहना है कि कोरोना के चलते हजारों रजिस्ट्रयों की दाखिल खारिज नहीं हो पाए हैं। स्टाफ की कमी के चलते तहसील में सभी कार्य लटकते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि यहां उपजिलाधिकारी व तहसीलदार के न्यायालय में न्यायिक कर्मियों द्वारा अधिवक्ताओं व वादकारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है। साथ ही कर्मचारी न्यायिक पत्रावलियों का ठीक से रख-रखाव भी नहीं करते हैं। उनका कहना है कि जनपद की सबसे महत्वपूर्ण तहसील होने क बावजूद यहां लंबे समय से नायब तहसीलदार समेत कई पद रिक्त चल रहे हैं। यहां तक कि उपजिलाधिकारी के पद पर भी लगातार तबादला किया जा रहा है। जिससे न्यायिक कार्यों समेत अन्य कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष व मुख्य सचिव को पत्र लिख उचित कार्रवाई की मांग की है।

वादकारियों से की जा रही अवैध वसूली

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार पंत का कहना है कि कोटद्वार तहसील में न्यायिक कर्मी आए दिन वादकारियों से अनुचित धन की मांग करते रहते हैं। यह कर्मचारी खतौनियों में जानबूझकर गलत प्रविष्टियां करते हैं। उनका कहना है कि यहां सिविल रूल जनरल के नियमों का कोई पालन नहीं किया जा रहा है।

कोटद्वार तहसील में यह पद चल रहे हैं लंबे समय से रिक्त

तहसीलदार विकास अवस्थी का कहना है कि तहसील कोटद्वार में काफी पद रिक्त चल रहे हैं, जिससे कार्य करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ एक नाजिर है और दो रजिस्ट्रार कानून गो हैं। यह कर्मचारी भी पिछले दिनों चुनाव ड्यूटी में व्यस्त थे, जिससे दाखिल खारिज समेत अन्य कार्य पैंडिंग होते चले गए। तहसीलदार के अनुसार भूलेख लिपिक, डब्ल्यूबीएम, टीसी समेत अन्य करीब छह पद व नायब तहसीलदार के दो पद खाली चल रहे हैं। एक कानून गो नायब तहसीलदार का काम संभाल रहा है। जिससे करीब 1500 दाखिल खारिज की फाइल अभी पैंडिंग हैं। उधर, वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष कंडवाल का कहना है कि तहसील में वर्ष 2019-20 तक की दाखिल खारिज की फाइल अभी तक पैंडिंग चल रही हैं। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

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