ठगी के धंधे का खुलासा,दिल्ली से तीन ठग गिरफ्तार

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देहरादून। देहरादून के कारोबारी से फेसबुक पर दोस्ती करने वाली विदेशी महिला ने 17 लाख के उपहार का लालच देकर सवा करोड़ की ठगी को अंजाम दिया। ठगी का अहसास होने के बाद कारोबारी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के पास आया। एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। प्रकरण में एसटीएफ ने दिल्ली से तीन ठग गिरफ्तार किए। ठगों ने पूरी कहानी का बखान कर कई और राज भी खोल दिए। अब एसटीएफ इस मामले की गहराई तक जांच में जुट गई है। ताकि देशभर में चल रहे ठगी के इस धंधे का भंडाफोड़ हो सके। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बढ़ते साईबर अपराधों के परिप्रेक्ष्य में साईबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है । इसी परिपेक्ष्य में साईबर ठगों द्वारा आम जनता से फेसबुक पर विदेशी महिला बन विदेश से गिफ्ट/धनराशि भेजने का लालच देकर उनसे ठगी करने के प्रकरण विभिन्न राज्यो की खबरो में प्रकाशित हो रहे थे । ऐसा ही एक प्रकरण साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था जिसमें देहरादून निवासी एक व्यक्ति के साथ इस प्रकार की घटना घटित हुयी थी जिसमें फेसबुक पर उनकी दोस्ती एक विदेशी महिला से हुयी, जिनके द्वारा उनको विदेश से उपहार रूप में 19000 (17 लाख) भेजने की बता कही गयी, इसके उपरान्त शिकायतकर्ता को कोरियर सर्विस के बहाने फोन आता है कि आपके नाम का पार्सल आया है। वादी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 21/19 पंजीकृत किया गया । प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुये प्रकरण के अनावरण, अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु मनोहर सिंह दसौनी के नेतृत्व में गठित की गयी । पुलिस टीम द्वारा पूर्व में 01 विदेशी नागरिक (नाईजीरियन मूल) सहित 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है तथा प्रकरण में 16 बैंक खातो को फ्रीज कराया गया है। अभियोग में अन्य वांछित अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुये घटना में प्रयुक्त मोबाईल, ई-वालेट तथा बैंक खातों के बारे में जानकारी की गयी व एक पुलिस टीम तत्काल दिल्ली, नोएडा, उत्तर प्रदेश राज्य रवाना की गयी ।
पुलिस टीम द्वारा दिल्ली के विभिन्न स्थानों से घटना में संलिप्त 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया ।
नाइजीरियन चलाते पूरा गिरोह: अभियुक्तगणों से पूछताछ पर यह तथ्य प्रकाश में आये कि उनके सहयोगी नाईजीरियन विदेशी मूल के व्यक्ति है जो फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर विभिन्न लोगों को दोस्ती का प्रस्ताव भेजकर विदेश से पैसा/गिफ्ट आदि भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं उक्त कार्य हेतु *गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा उनके साथ मिलकर फर्जी सिमकार्ड, वॉलेट, पे टी एम मर्चैंट व बैंक खाते उपलब्ध* कराते हुये धोखाधड़ी को अन्जाम दिया जाता है व अभियुक्तों द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का 1.5 -2 प्रतिशत नाईजीरियन मूल के व्यक्तियों द्वारा इस कार्य के लिये इन्हें दिया जाता है। चौंकाने वाली बात यह भी प्रकाश में आयी है कि अभियुक्तों द्वारा उक्त कार्य को अंजाम देने के लिये विभिन्न मोबाईल कम्पनियों के सिम डिस्ट्रीब्यूटर के रुप में कार्य किया जाता है व फर्जी आई0डी0 पर प्रीएक्टीवेडेट सिम का प्रयोग अपराध कारित करने के लिये किया जाता है । अभियुक्तगणों की पूछताछ में कई अहम सुराग प्रकाश में आये हैं। जिसमें निकट भविष्य में अन्य गिरोहों का भी भण्डाफोड़ हो सकता है। अभियुक्तगणों द्वारा भारत वर्ष में कई अन्य लोगों भी धोखाधड़ी का शिकार किया गया है।
अपराध का तरीका: अभियुक्तगण फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर दोस्ती का प्रस्ताव भेजते है व उन्हे विदेश से गिफ्ट/धनराशि भेजने का लालच देकर जाल में फंसाते है, तथा उक्त गिफ्ट/धनराशि के कस्टम आदि स्थानो पर फसें होने का झांसा देकर विभिन्न टैक्स आदि के नाम पर धनराशि विभिन्न खातो में मंगाते है। जिस कार्य हेतु फर्जी आई0डी0 पर सिम प्राप्त कर उक्त सिमो पर मर्चेन्ट/ई-वॉलेट खोलकर उनसे बैक खातो को लिंक करवाकर लोगो से फ्रॉड करते है ।
गिरफ्तार अभियुक्तगण:
1- श्याम बाबू पुत्र राम देव पोद्दार निवासी म0न0 4383 गली न0 71 बी स्वतंत्र नगर थाना नरेला नार्थवेस्ट दिल्ली।
2-नितीश ठाकुर पुत्र मनीष ठाकुर निवासी ए-2 राना जी एन्कलेव थाना नजफगढ दिल्ली ।
3- मोहित उर्फ अविनाश पुत्र शम्भू प्रसाद निवासी ए-40 राना जी एन्कलेव थाना नजफगढ दिल्ली ।
बरामदगी:
1- 04 अदद मोबाइल फोन (विभिन्न कम्पनियों के)
2- 01 एटीएम कार्ड ।
3- 08 सिम कार्ड।
पुलिस टीम-
1- निरीक्षक श्री मनोहर सिंह दसौनी
2- कानि० हरेन्द्र भण्डारी
3- कानि० पवन कुमार
4- कानि० मुहम्मद उस्मान
5- का० चालक कुलदीप रौतेला
जनता से की ये अपील- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि फेसबुक पर अंजान व्यक्ति/महिला से दोस्ती का प्रस्ताव स्वीकार न करने और किसी भी प्रकार के लालच में आकर धनराशि देने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी व महत्वपूर्ण डाटा शेयर करने से बचना चाहिये। । कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून को सम्पर्क करें।

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