जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कोटद्वार व आसपास के क्षेत्र में गर्मी का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। भीषण धूप व गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। गर्मी के सबसे अधिक प्रकोप दिहाड़ी करने वाले श्रमिकों व रेहड़ी-ठेली वालों को झेलना पड़ रहा है। गर्मी से बचाव के लिए लोग छांव और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। गर्मी के कारण राजकीय बेस चिकित्सालय में भी मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में गुरूवार को पारा 41 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया। शहर में सुबह से भीषण गर्मी व तेज धूप आमजन को परेशान कर रही है। भीषण गर्मी में बच्चों का स्कूल आवागमन बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, क्षेत्र में कुछ विद्यालयों ने ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया है। दोपहर के समय अधिकांश वार्डों में मुख्य बाजार में सड़कें सूनी नजर आ रही हैं। घरों के पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। बाजार में डीहाईड्रेसन से बचाव के लिए लोग ओआरएस व अन्य पेय पदार्थ का सेवन कर रहे हैं। गर्मी का असर बाजार के व्यापार पर भी पड़ रहा है। अधिकांश लोग घरों से बाहर तक नहीं मिल पा रहे हैं। राजकीय बेस चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. जेसी ध्यानी भी आमजन को दोपहर के वक्त घर से बाहर न निकलने का सुझाव दे रहे हैं।
हीटवेव से नुकसान
– शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने लगती है।
– चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना।
– सिरदर्द और लगातार थकान महसूस होना।
– लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
– बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत जल्दी खराब होती है।
– त्वचा में जलन और आंखों में परेशानी होना।
हीटवेव से बचाव के तरीके
– दोपहर में तेज धूप में बाहर निकलने से बचें।
– अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ पिएं।
– बाहर जाते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
– हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें।
– बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
– खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
– धूप से आने के तुरंत बाद बहुत ठंडा पानी न पिएं।
– अधिक देर तक धूप में काम करने से बचें।
– चक्कर, उल्टी या ज्यादा कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।