ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में पतित पावनी गंगा का जन्मोत्सव गंगा सप्तमी के रूप में धूमधाम से मनाया गया। त्रिवेणीघाट पर श्रद्धालुओं ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक और पूजन किया। विशेष गंगा आरती में हर-हर गंगे, जय मां गंगे के स्वर और घंटे घड़ियालों से समूचा त्रिवेणीघाट गुंजायमान रहा। गुरूवार को गंगा सभा ने त्रिवेणी घाट में गंगा सप्तमी पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने हवन यज्ञ में आहूतियां डाली। उसके बाद गंगा पूजन कर गंगा का दुग्ध अभिषेक किया। जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की गई। हवन कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि गंगा सप्तमी का पर्व सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा का पुनः प्राकट्य हुआ था, इसलिए इसे गंगा अवतरण से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य एवं पूजा-अर्चना करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार हैं। कहा कि ऋषिकेश जैसे पवित्र तीर्थस्थल पर गंगा सप्तमी का महत्व और भी बढ़ जाता है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु आकर मां गंगा के दर्शन एवं स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। यह पर्व हमें गंगा की निर्मलता, अविरलता और संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी स्मरण कराता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि गंगा को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में अपना योगदान अवश्य दें। मौके पर गंगा सभा के संरक्षक हर्षवर्धन शर्मा, महंत राम कृपाल गौतम, गंगा सभा के महासचिव राहुल शर्मा, युवा मोर्चा महामंत्री कौशल बिजल्वान, विनोद अग्रवाल, प्रेम कुमार, यश अरोड़ा, साकेत शर्मा, गौरव शर्मा आदि उपस्थित रहे।
गंगा तट पर हुई महा आरती: गुरुवार दोपहर को त्रिवेणी घाट में गंगा सप्तमी पर विशेष महा आरती का आयोजन किया गया। जिसमें कड़क धूप के बावजूद टैंट लगाकर पूजारियों ने विधिवत गंगा आरती की। तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ आरती के दौरान देखने को मिली। गंगा सभा के उपाध्यक्ष महंत रामकृपाल गौतम ने कहा कि यूं तो प्रतिदिन सायं को गंगा आरती होती है, लेकिन गंगा सप्तमी यानी मां गंगा के अवतरण दिवस पर दोपहर में विशेष महाआरती की गई है। ताकि मां गंगा की कृपा इसी प्रकार लोगों पर बनी रहे।
गंगा स्नान को उमड़े श्रद्धालु: गंगा सप्तमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर दुग्धाभिषेक किया। पर्व की महत्ता को देखते हुए सुबह से ही त्रिवेणी घाट, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मण झूला और मुनिकीरेती क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। स्थानीय ही नहीं, बल्कि बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। साथ ही गंगा में दुग्धाभिषेक कर पुण्य कामना की।