देहरादून। उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रिस्पना से पहले रोका। इससे खफा प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा में एक अधिकारी की तैनाती फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई है। दावा है कि इस संबंध में पुख्ता साक्ष्य विधानसभा सचिव को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष यदि दोषी को पद से नहीं हटा पा रही हैं, तो उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। आरोप है कि ऐसी नियुक्तियों से प्रदेश के योग्य अफसरों का हक मारा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने उत्तराखंड पुलिस भर्ती की वेटिंग लिस्ट तत्काल जारी करने और यूकेएसएसएससी का नया परीक्षा कैलेंडर घोषित करने की भी पुरजोर मांग की। साथ ही, उत्तराखंड लेक्चरर परीक्षा की तिथि बदलने का मुद्दा भी गरमाया। अभ्यर्थियों का कहना है कि यूपी पीजीटी और यूकेपीएससी की परीक्षाएं एक ही दिन होने से वे परीक्षा देने से वंचित रह जाएंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में सुरेश सिंह, जेपी ध्यानी, नितिन दत्त, सौरभ रावत, विशाल, नरेंद्र बिष्ट आदि मौजूद रहे।