देहरादून। प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड ने जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन की लंबे समय से लंबित मांगों पर सुनवाई नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई है। इसी के तहत एक मई से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। प्रदेश महामंत्री जगवीर सिंह खरोला ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में एक मई से दस मई तक समस्त जूनियर हाई स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं बाएं हाथ में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। साथ ही टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने और शिक्षकों की तेरह सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड प्रेषित करेंगे। दूसरे चरण में प्रदेश के समस्त विकासखंड की कार्यकारिणी और ब्लॉक के समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं बारह मई को उप जिलाधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपेंगे। तीसरे चरण में अठारह मई को सभी जिलों के शिक्षक रैली निकालेंगे। चौथे चरण में प्रदेश, जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी की ओर से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेंगे, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। पांचवें चरण में आठ जून को प्रदेश के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा दून में रैली निकालते हुए सचिवालय कूच किया जाएगा।प्रमुख मांगें- टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।- केंद्र के तर्ज पर राज्य में त्रिस्तरीय शिक्षा व्यवस्था लागू हो।- पेंशन की विसंगतियों को दूर किया जाए।- शिक्षकों को सेवाकाल में कम से कम तीन पदोन्नतियां मिले।