पारथा गांव में नहीं आ रहा पानी, स्रोतों से भर रहे

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चमोली। ब्लॉक के पारथा गांव में पांच वर्षों से पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों को स्रोतों से पानी भरना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान गीता पिमोली ने कहा कि वर्ष 2020 में हरिनगर लेटाल, कुराड़ और पारथा तीन गांवों को पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से योजना का निर्माण किया गया था। इसके बाद कुराड़ गांव तक तो पानी पहुंचा लेकिन हरिनगर, लेटाल और पारथा के ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाया। कहा कि पारथा गांव में जल निगम ने पाइप भी नहीं बिछाए हैं। इस मुद्दे को बीडीसी और जनता दरबार में भी उठाया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। वहीं जल निगम के अवर अभियंता हेमंत कुमार ने बताया कि आपदा से लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। वैकल्पिक व्यवस्था कर पारथा टैंक तक पानी पहुंचाया गया है। इसके साथ ही पारथा के लिए दूसरे स्रोत से नई योजना बनाई जाएगी जिसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
निर्माण कार्य से पैदल मार्ग और पेयजल कनेक्शन क्षतिग्रस्त
गौचर। पालिका क्षेत्र के अंतर्गत पनाई तल्ली और मुख्य बाजार वार्ड में जल संस्थान की ओर से बिछाई जा रही नई पेयजल लाइनों से पैदल मार्ग और पेयजल कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं जिससे लोगों में आक्रोश है। नगर क्षेत्र के लिए 34 करोड़ की लागत से जल संस्थान की ओर से पेयजल स्टोरेज टैंक, फिल्टर निर्माण और पालिका क्षेत्र के सभी वार्डों और मोहल्लों में पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। हरीश जोशी, नरेंंद्र बिष्ट, अंकित डिमरी, कुलदीप सिंह, महादेव बहुगुणा, धनंजय सेमवाल आदि ने बताया कि लाइन बिछाने के कारण कार्यदायी संस्था ने वार्डों के पैदल रास्ते, चहारदीवारी और उपभोक्ताओं की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त कर दी हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप करने की मांग की। वहीं जल संस्थान के ईई मुकेश कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त मार्गों, पेयजल कनेक्शनों को एक दो दिन में ठीक कर लिया जाएगा। निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप करने के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देशित कर दिया जाएगा।

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