सनातन धर्म की मूल भावना से जुड़े युवा

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : देवभूमि उत्कर्ष सेवा समिति की ओर से पदमपुर मोटाढांक स्थित शिव शक्ति मंदिर परिसर में अपना 16वां स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने युवाओं को सनातन धर्म की मूल भावना से जुड़ने तथा अपने जीवन में शिक्षा के साथ-साथ श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. चंद्रमोहन बड़थ्वाल ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रीति और साक्षी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और आध्यात्मिक बना दिया। मुख्य अतिथि समाजसेवी भारत सिंह नेगी एवं संस्कृत भारती के मंडल अध्यक्ष डॉ. रमाकांत ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा है, जो मानव जीवन को नैतिकता, अनुशासन और सदाचार का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक संस्कारों से भी जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बन सकें। कार्यक्रम में गेप्स संस्था के संगठन मंत्री एवं योग शिक्षक नंदन सिंह नेगी ने योगाभ्यास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर समिति द्वारा अतिथियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर विचार-विमर्श के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में जगत सिंह नेगी, मनमोहन काला, अनुराग कंडवाल, रेखा ध्यानी, डॉ. रमाकांत कुकरेती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आरबी कंडवाल ने कुशलता पूर्वक किया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज में शिक्षा, संस्कृति और सेवा भाव को बढ़ावा देना है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया जाता रहेगा।

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