जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पौड़ी रिजवान अंसारी की अदालत ने कोतवाली क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी देने के मामले में आरोपी पति को दोषमुक्त करार दिया है।
बता दें कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने 29 अक्तूबर 2024 को पति के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता रूबी भंडारी ने पति रोहित भंडारी पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि विवाह के एक साल बाद पति ने उस पर नौकरी छोड़ने के लिए दबाव बनाया। नौकरी छोड़ने के बाद पति ने मारपीट और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। शिकायत में यह भी कहा गया था कि पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने के कारण विवाद बढ़ा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने छ: गवाह और सात दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि दहेज की कोई मांग नहीं की गई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कथित घटना की तारीख और एफआईआर दर्ज होने के बीच काफी विलंब रहा, जिसका संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही पीड़िता ने बाद में अदालत में दिए बयान में दहेज प्रताड़ना और मारपीट के आरोपों का समर्थन नहीं किया और समझौता होने की बात कही। इस आधार पर अदालत ने आरोपी रोहित भंडारी को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।