जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : समाज सेवा एवं शिक्षा समिति की ओर से बदरीनाथ मार्ग स्थित संस्था कार्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें आशा कार्यकर्ताओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज को अंधविश्वास से मुक्त करने के लिए अधिक से अधिक लोगों में वैज्ञानिक सोच का प्रसार आवश्यक है।
कार्यशाला में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जसवीर सिंह रावत एवं पार्षद विपिन डोबरियाल ने आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें विज्ञान संचारक के रूप में विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और टीकाकरण से जुड़ी कई भ्रांतियां आज भी प्रचलित हैं, जिन्हें दूर करने में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इस दौरान दीपाली भाटिया ने उदाहरण देते हुए बताया कि अक्सर शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं के बीमार होने पर झाड़-फूंक या नजर उतारने जैसे उपाय अपनाए जाते हैं, जबकि उन्हें उचित चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि शिशु देखभाल में हमेशा प्रमाणिक और वैज्ञानिक जानकारी का ही उपयोग किया जाना चाहिए। प्रयागराज से आए मुख्य संदर्भ वक्ता प्रमोद मिश्रा ने भी अंधविश्वासों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि हर तथाकथित चमत्कार के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक कारण होता है, जिसे समझने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करें और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दें। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक पूर्णानंद गोस्वामी, सचिव सचिन नेगी, अनीता नेगी, विपिन सिंह, पवन कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से सक्रिय सहभागिता कर समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।