जयन्त प्रतिनिधि।
सतपुली : नगर पंचायत क्षेत्र में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या और लगातार सामने आ रही कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल सतपुली ने नगर पंचायत अध्यक्ष को पत्र सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आवारा कुत्ते छोड़े जाने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किए जाने की मांग की है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष जयदीप नेगी ने सभी आवारा कुत्तों की नस बंदीकरण और रेबीज टीकाकरण कराने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में आए दिन आवारा कुत्तों द्वारा बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और आम लोगों को काटने की शिकायतें मिल रही हैं। कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ने से भविष्य में समस्या और गंभीर होने की आशंका जताई गई है। व्यापार मंडल ने सुझाव दिया कि नगर पंचायत की बड़खेत स्थित गौशाला में आवारा कुत्तों को चरणबद्ध तरीके से ले जाकर नसबंदी और रेबीज टीकाकरण कराया जाए। इसके लिए एक बार में करीब 10-10 कुत्तों को वाहन से ले जाने तथा नर-मादा कुत्तों को अलग रखने का सुझाव दिया गया है। टीकाकरण के बाद कुत्तों की पहचान के लिए अलग-अलग रंग के पट्टे लगाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। व्यापार मंडल ने सतपुली नगर पंचायत क्षेत्र और आसपास करीब पांच किलोमीटर तक वाहन से मुनादी कराए जाने का सुझाव भी दिया है, ताकि क्षेत्र में आवारा कुत्तों को छोड़ने पर रोक लग सके। पत्र में ऐसे कुत्ते छोड़े जाने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किए जाने की मांग की गई है। साथ ही रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का सुझाव दिया गया। व्यापार मंडल ने नगर क्षेत्र को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने के लिए गोशाला से निकलने वाले गोबर के बेहतर उपयोग का सुझाव भी दिया है। प्रतिदिन एकत्र होने वाले गोबर से बायोगैस प्लांट लगाने तथा सूखे गोबर को पैकेट में तैयार कर बेचने से रोजगार और आय के अवसर पैदा होने की बात कही गई है। इसके लिए सरकार से सहयोग और आर्थिक सहायता लेने का सुझाव दिया गया है।