डीएम की सख्ती के बाद क्वारंटाइन सेंटरों में सुधरे हालात

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संवाददाता, बागेश्वर। डीएम ने सख्त रवैया अख्तियार किया तो क्वारंटाइन सेंटरों के हाल भी बदल गए। एक दिन पहले तक हुई बदइंतजामी अचानक से गायब हो गई। प्रवासियों को समय पर भोजन और नाश्ता मिलने लगा। पेंट की बाल्टी की बजाय कंटेनर से चाय परोसी जाने लगी तो पीने के लिए भी स्वच्छ पानी का प्रबंध हो गया। एसडीएम प्रमोर कुमार स्वयं सेंटरों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इधर क्षेत्रीय विधायक ने भी मंगलवार को समय निकालकर क्वारंटाइन सेंटरों का हालचाल जाना। रविवार को महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा समेत अन्य राज्यों से आए 230 प्रवासियों की गाड़ियां कपकोट पहुंची तो क्वारंटाइन सेंटरों में उन्हें काफी बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। इसके बाद वहां मौजूद कुछ युवाओं ने अव्यस्थाओं की पोल खोलने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसमें पेंट की बाल्टी से चाय परोसने, खुली नमकीन का नाश्ता, देर रात तक भोजन नहीं देने सहित अन्य परेशानियों की जानकारी दी गई। मामला डीएम तक पहुंचा तो उन्होंने एडीएम को तत्काल निरीक्षण को भेजा। अव्यस्थाओं पर जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उनके सख्त रुख का असर हुआ और आनन-फानन में प्रवासियों के लिए व्यवस्थाएं की जाने लगी। क्वारंटाइन सेंटर में ठहरे भूपेंद्र सिंह, ललित सिंह, दिनेश कोरंगा, कमल दानू, कृष्णा सिंह, नवीन सिंह आदि ने बताया कि सोमवार शाम से व्यवस्थाएं सही होने लगी थी। मंगलवार की सुबह भी उन्हें समय पर चाय और नाश्ता मिल गया था। दोपहर का भोजन भी सही समय पर और गुणवत्तापूर्ण दिया गया है।
विधायक भी पहुंचे हालचाल जानने
कपकोट। व्यवस्थाओं के पटरी पर लौटने के बाद क्षेत्रीय विधायक बलवंत सिंह भौर्याल भी क्वारंटाइन सेंटरों का हालचाल जानने पहुंचे। उन्होंने टैंट और कैटरिंग की व्यवस्था संभाल रहे ठेकेदार से भोजन की गुणवत्ता और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा। एसडीएम से प्रवासियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सजगता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस काम में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से ईमानदारी व जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू, एसडीएम प्रमोद कुमार भी मौजूद रहे।
पहरा हुआ सख्त, रोज आएंगे डॉक्टर
कपकोट। अव्यवस्थाओं के चलते रविवार को कई प्रवासी क्वारंटाइन सेंटर से निकल कर बाजार और नदी किनारे टहलने लगे थे। जिसे देखते हुए अब यहां पहरा सख्त कर दिया गया है। वहीं प्रवासियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए रोजाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश रावत सभी केंद्रों में जाकर मरीजों का हालचाल जानेंगे।
क्वारंटाइन सेंटरों में भोजन व गद्दों की व्यवस्था टेंट से की जा रही है। बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जनरेटर भी लगा दिया है। भोजन में स्वच्छता व गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मैं स्वयं सभी केंद्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा हूं। प्रवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी प्रशासन सजग है। -प्रमोद कुमार, एसडीएम कपकोट।

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