हाथियों को देख यात्रियों में मची भगदड़, वाहन छोड़कर भागे लोग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार सुबह हाथियों के झुंड ने अचानक वाहनों पर हमला कर दिया। आक्रामक हाथियों को अपनी ओर बढ़ता देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए अपने वाहन छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। हाथियों के हमले में एक टैंपो ट्रैवल समेत चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हाथियों ने वाहनों में रखा सामान भी सड़क पर बिखेर दिया।

सोमवार सुबह लालपुल से लगभग 500 मीटर पहले हाथियों का झुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गया। हाईवे पर हाथियों की मौजूदगी देखकर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी दौरान कुछ वाहन चालकों और लोगों ने हाथियों को हटाने के लिए हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। इससे हाथी बिदक गए और सिद्धबली मंदिर की ओर खड़े वाहनों की तरफ दौड़ पड़े। हाथियों को अपनी ओर आता देख यात्रियों और अन्य लोगों में चीख-पुकार मच गई। लोग वाहन छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसके बाद आक्रोशित हाथियों ने सड़क पर खड़े वाहनों को निशाना बना लिया। एक टैंपो ट्रैवल के आगे का शीशा हाथियों ने पूरी तरह तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य चार पहिया वाहनों की खिड़कियों के शीशे भी क्षतिग्रस्त कर दिए। वाहनों में रखा सामान सड़क पर बिखर गया। इस दौरान हाईवे पर करीब आधे घंटे से अधिक समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कुछ लोगों ने हाथियों को भगाने के लिए पत्थर फेंकने का प्रयास किया, लेकिन इससे स्थिति और बिगड़ गई और हाथी और अधिक आक्रामक हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने काफी प्रयास के बाद हाथियों के झुंड को वापस जंगल की ओर खदेड़ा। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका। गौरतलब है कि कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से सटा हुआ है। इसके चलते इस मार्ग पर आए दिन हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। वन्यजीवों की लगातार आवाजाही के कारण हाईवे पर वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।