हरिद्वार। आगामी मानसून, बढ़ती गर्मी और कांवड़ मेले को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को मानसून से पूर्व नालों और नालियों की सफाई पूरी करने, संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन करने और राहत केंद्रों को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए जल संस्थान का टोल फ्री नंबर 18001804100 भी जारी किया गया है। शुक्रवार को जिला आपदा प्रबंधन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से समय रहते निपटा जा सके। बैठक में ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। जिलाधिकारी ने नगर निगम, जिला पंचायत, पंचायतीराज विभाग, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके अधीन आने वाले सभी नालों, नालियों और कलमाठों की मानसून से पहले अनिवार्य रूप से सफाई कराई जाए, जिससे जलभराव की स्थिति न बने। उन्होंने तहसील और खंड विकास अधिकारियों को आपदा प्रबंधन उपकरणों को सुचारू स्थिति में रखने और संभावित आपदा के मद्देनजर राहत केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।सिंचाई विभाग को भूमि कटान और जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर चिन्हांकन करने तथा तटबंधों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए गए।