चमोली। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का कम परीक्षा परिणाम दर्शाता है कि अध्यापकों की ओर से शिक्षण कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि के प्रयास भी कम ही दिख रहे हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने जिले के हाईस्कूल व माध्यमिक बोर्ड के परिणाम को लेकर ऑनलाइन बैठक की। कम परीक्षा परिणाम पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले के कुल परीक्षा परिणाम से कम परीक्षाफल आना अत्यंत खेद का विषय है। कम परीक्षा परिणाम से यह लगता है कि अध्यापक विद्यालयों के शिक्षण कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इसका असर परीक्षा परिणाम और छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। उन्होंने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि परीक्षा परिणाम कम होने के संबंध में सभी प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक और संबंधित विषयों के शिक्षक स्पष्टीकरण दें और भविष्य में परीक्षाफल सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करें। विद्यालयों में अधिक से अधिक उपचारात्मक कक्षाएं भी चलाई जाएं। जिले में 44 इंटर कॉलेज ऐसे हैं जिनका 12वीं का परीक्षा परिणाम जिले के कुल परीक्षा परिणाम 89.75 प्रतिशत से कम है। वहीं दसवीं में 66 इंटर कॉलेज व हाईस्कूल ऐसे हैं जिनका परिणाम जिले के कुल परिणाम 92.42 प्रतिशत से कम है।
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जिले में हाईस्कूल के फिसड्डी विद्यालय
– जीआईसी ज्योतिर्मठ 30.77, देवभूमि पब्लिक स्कूल ज्योतिर्मठ चमोली 60 प्रतिशत
– राउमावि लांजी पोखनी 33.33, जीआईसी मैठाणा दसवीं 52.17, जीआईसी चौनघाट 62.16
– जीआईसी आदिबदरी- 65.79, राउमावि उमट्टा 66.67, पीएमश्री जीआईसी गौचर 66.67,
– जीआईसी नंदानगर 66.67.69, जीआईसी कुराड़ 69.23, जीआईसी मालसी 69.57।
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इंटरमीडिएट के फिसड्डी विद्यालय
जीआईसी ज्योतिर्मठ इंटर 56.67, जीआईसी चौनघाट 63.64, जीआईसी ईराणी 65.38, जीआईसी मरोड़ा -66.67, जीआईसी भराड़ीसैंण- 68.00।