घनसाली और चमियाला में हाइडेंट का प्रस्ताव फाइलों में कैद

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नई टिहरी। गर्मियों में आगजनी का खतरा बढ़ जाता है लेकिन जिले का अग्निशमन विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। काम चलाऊ व्यवस्था में सुधार के प्रयास धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। विभाग की मांग का प्रस्ताव लंबे समय से फाइलों में कैद है। जिला मुख्यालय स्थित फायर स्टेशन के पास पर्याप्त साधन हैं। हालांकि, लगातार विकसित हो रहे ग्रामीण बाजारों में आगजनी से निपटने के लिए कोई तत्काल व्यवस्था नहीं है। दूर-दराज के बाजारों में घटना होने पर मुख्यालय से ही राहत व बचाव टीम भेजनी पड़ती है। वर्ष 2021-22 में घनसाली में अग्निशमन विभाग की एक यूनिट खोली गई थी लेकिन वहां अभी तक पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और केवल एक फायर हाइडेंट से काम चलाया जा रहा है।
संसाधनों की कमी: घनसाली में दो और चमियाला में एक प्रस्तावित हाइडेंट का प्रस्ताव भी फाइलों में अटका है। जिला मुख्यालय में भी क्रैश फायर टेंडर के बदले काम चलाऊ व्यवस्था है। उड्डयन विभाग से मिला एक क्रैश फायर टेंडर कोटीकाॅलोनी हेलिपैड पर हेली सेवा की सुरक्षा में व्यस्त है। इससे अन्य हेलिपैड की सुरक्षा के लिए सिलिंडर और ड्रम फोम टेंडर का उपयोग करना पड़ता है। लंबगांव, कैंपटी, कंडीसौड़, जाखणीधार और गजा जैसे बड़े बाजारों में कहीं भी हाइडेंट की व्यवस्था नहीं है।
आगजनी की घटना से निपटने के लिए विभाग के पास पर्याप्त संसाधन हैं लेकिन घनसाली-चमियाला में हाइडेंट बनाने और क्रैश फायर टेंडर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बड़े बाजार के रूप में विकसित हो रहे क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कर वहां हाइडेंट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

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