जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर को उत्कृष्ट प्रशिक्षण स्तर, श्रेष्ठ प्रशासनिक व्यवस्था, अटूट अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, कार्यकुशलता तथा भारतीय सेना की गौरवशाली परम्पराओं को संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्यपाल, उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह गौरवशाली सम्मान 25 मई 2026 को लोक भवन नैनीताल, उत्तराखंड में आयोजित “एक शाम सैनिकों के नाम” अलंकरण समारोह के दौरान प्रदान किया गया। समारोह में यह प्रशस्ति पत्र गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, विशिष्ट सेवा मेडल एवं सेंटर सूबेदार मेजर नन्द किशोर ने ग्रहण किया। यह सम्मान गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर को अग्निवीरों एवं सैनिकों के सर्वांगीण प्रशिक्षण, पूर्व सैनिकों व वीर नारियों के कल्याण, रेजिमेंट की गौरवशाली परम्पराओं के संरक्षण, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा राष्ट्र सेवा के प्रति प्रतिबद्धता जैसे उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण में भी गढ़वाल राइफल्स सदैव अग्रणी रही है। रेजिमेंटल सेंटर ने लोककला, संगीत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देते हुए “बद्री विशाल” की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है, साथ ही “हरित लैंसडौन” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्यावरण जागरूकता अभियानों के माध्यम से देवभूमि की प्राकृतिक सुन्दरता और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, विशिष्ट सेवा मेडल ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान सभी सैनिकों के कठिन परिश्रम, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर भविष्य में भी इसी उत्साह, निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ राष्ट्र सेवा में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।