देहरादून()। नेशनल पीआर डे कॉन्क्लेव के तहत ऊर्जा क्षेत्र में आपदा प्रबंधन एवं जनसंपर्क की भूमिका पर एक महत्वपूर्ण चर्चा सत्र का आयोजन शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में हुआ। यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने ऊर्जा क्षेत्र में आपदाओं के प्रमुख कारण- प्राकृतिक आपदा, तकनीकी विफलताएं, मानवीय त्रुटियां और सूचना के अभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी संचार तंत्र के अभाव में संकट की गंभीरता ओर बढ़ जाती है। उन्होंने धराली आपदा का उदाहरण देते हुए बताया कि पारदर्शी संवाद, मीडिया समन्वय और संवेदनशील जनसंपर्क के माध्यम से स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला गया। फेक न्यूज़, मिस कम्युनिकेशन और नकारात्मक प्रचार को बड़ी चुनौतियां बताते हुए नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस, त्वरित एवं तथ्यात्मक सूचना प्रसार तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर जोर दिया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों और विद्यार्थियों के बीच संवादात्मक चर्चा हुई। इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर नीरज कोटियाल, डॉ. दीपिका रावत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और पेशेवरों ने भाग लिया।