जल्द मिल सकती है भारत बायोटेक को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी

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नई दिल्ली, एजेंसी। कोरोना वायरस के खिलाफ स्वदेशी टीका विकसित करने वाली हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक एक से दो हफ्तों के भीतर भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआइ) को वैक्सीन का अतिरिक्त डाटा मुहैया करा देगी। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के सहयोग से भारत बायोटेक ने श्कोवैक्सीनश् नामक वैक्सीन विकसित की है और इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने वैक्सीन के लिए पहले और दूसरे चरण का परीक्षण एक हजार वलंटियर पर किया था। इसके नतीजे बेहतर आने के बाद अब कंपनी देश के 25 केंद्र पर तीसरे चरण का परीक्षण कर रही है। कुल 26 हजार वलंटियर पर तीसरे चरण का परीक्षण किया जाना है। जल्घ्द ही उसके आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल सकती है।
एक दिन पहले ही कंपनी ने कहा था कि उसने इसके लिए अब तक 13 हजार वलंटियर तैयार कर लिए हैं। भारत बायोटेक ने डीसीजीआइ के पास कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के लिए सात दिसंबर को आवेदन किया था। आवेदन के साथ कंपनी ने वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के परीक्षण के सुरक्षा और प्रतिरक्षा संबंधी डाटा जमा कराए गए थे। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विशेषज्ञ पैनल ने उसके आवेदन पर विचार करने के लिए कंपनी से तीसरे चरण के परीक्षण का अब तक का डाटा जमा कराने को कहा था।
अपना नाम गुप्त रखते हुए कंपनी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कंपनी ने अभी तक डाटा नहीं जमा कराया है। डाटा जमा कराने में अभी एक से दो हफ्ते लगेंगे। हालांकि, इसके बारे में सीडीएससीओ की तरफ से कोई पुष्टि नहीं हुई है।
डीसीजीआइ ने सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया से भी उसकी वैक्सीन को लेकर अतिरिक्त डाटा मांगे थे। सीरम की तरफ से अतिरिक्त डाटा जमा करा दिए गए हैं और उम्मीद है कि इस महीने के आखिर तक उसकी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाएगी। अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर की भारतीय इकाई ने भी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन किया है। लेकिन उसे मंजूरी मिलने की संभावना कम है, क्योंकि उसने भारत में इंसानों पर वैक्सीन का परीक्षण नहीं किया है।

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