श्रीनगर गढ़वाल : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के शिक्षा विभाग की ओर से विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की रामलीला मंचन, सांस्कृतिक विरासत व महिलाओं की भूमिका विषय पर विशेष व्याख्यान व फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार नौटियाल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों में निहित होती है। यदि हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं समझते, तो हमारी पहचान अधूरी रह जाती है। कहा कि हम अपनी परंपराओं को संजोकर रखें और उन्हें नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। मुख्य वक्ता प्रो. पुनीता गुप्ता ने उत्तराखंड की रामलीला की विशिष्टताओं, सांस्कृतिक गहराई और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। बताया कि लोक परंपराएं समाज की आत्मा होती हैं और उत्तराखंड की रामलीला इसका सशक्त उदाहरण है। विशेष रूप से महिलाओं की सहभागिता इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को न केवल संरक्षित करें, बल्कि उसे नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाएं। इस अवसर पर प्रो. रमा मैखुरी ने कहा ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना विकसित करते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। कार्यक्रम में डॉ. शंकर सिंह, डॉ. रमेश राणा, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. चंद्रशेखर बधानी, अंकिता भट्टाचार्य आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)