नईदिल्ली , लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े 3 विधेयकों पर लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इन तीनों विधेयकों का महिलाओं के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, पुराना विधेयक लेकर आइए, हम सभी उसे तुरंत पारित कर देंगे। इन विधेयकों को महिलाओं से कोई लेना-देना नहीं है।
राहुल ने कहा, आप दक्षिण भारतीय और कम जनसंख्या वाले राज्यों से कह रहे हैं कि भाजपा को सत्ता में लाने के लिए हम आपका प्रतिनिधत्व छीन रहे हैं। ये हो रहा है। हम किसी भी हालात में इसे नहीं होने देंगे। पूरा विपक्ष सरकार के इस राष्ट्रविरोधी प्रयास के विरोध में है। आप उन्हें हिंदू बोलते हैं, लेकिन इस देश में कोई स्थान नहीं देते। यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है।
राहुल ने कहा, ये ऐतिहासिक तथ्य है कि देश में अन्य पिछड़ा वर्ग, दलित, महिला और अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार हुआ है। यहां ये किया जा रहा है कि जातिगत प्रणाली को बायपास किया जा रहा है। ये लोग इन लोगों को शक्ति और प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहते। ये विधेयक का पहला एजेंडा है। संविधान से ऊपर मनुवाद। अमित शाह जी ने कहा कि जातिगत जनगणना शुरू हो गई है। मुद्दा ये है कि क्या इसका इस्तेमाल महिला आरक्षण के लिए होगा।
राहुल ने कहा, मैं दक्षिणी राज्यों, छोटे-बड़े सभी राज्यों से कहना चाहता हूं कि हम इन्हें ऐसा नहीं करने देंगे। हम इन्हें भारत के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। आप डरते हो कि देश की राजनीति में क्या हो रहा है। आपकी ताकत कम होती जा रही है। इसलिए चुनावी नक्शा बदलना चाह रहे हो जैसा कि असम में किया, लेकिन हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे। पूरा विपक्ष इसे हरा कर रहेगा।
केंद्र सरकार जो 3 विधेयक लाई हैं, उसमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल है। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक में लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव है, जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता खुलेगा। परिसीमन (संशोधन) विधेयक में परिसीमन आयोग के गठन और नई जनगणना आधारित सीटों का बंटवारा करने का प्रावधान है। तीसरे विधेयक में केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में संशोधन का प्रावधान है।