डेयरी उद्यम के माध्यम से बढ़ रही ग्रामीण महिला की आय

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
चमोली : जनपद में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष सहायतित ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत ग्राम मठ झडेता की निवासी श्रीमती लक्ष्मी देवी, जय भैरव नाथ स्वयं सहायता समूह (भोलेनाथ ग्राम संगठन, बिरही गंगा क्लस्टर, बिरही) से जुड़ी हैं। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने डेयरी फार्मिंग को आजीविका का माध्यम बनाया है। परियोजना के तहत उन्हें डेयरी गतिविधि प्रारंभ करने के लिए 35,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस सहयोग से उन्होंने डेयरी व्यवसाय शुरू किया और गांव व आसपास के क्षेत्रों में दूध का विक्रय प्रारंभ किया। वर्तमान में श्रीमती लक्ष्मी देवी प्रतिदिन लगभग 7 से 8 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं और स्थानीय बाजार में इसका विक्रय कर रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 7,000 से 8,000 की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। इस संबंध में श्रीमती लक्ष्मी देवी कहती हैं, “ग्रामोत्थान परियोजना से मिली सहायता ने मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। अब मैं अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हूं और आगे अपने डेयरी व्यवसाय को और बढ़ाना चाहती हूं।” यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सहायतित ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा रही हैं और अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *