शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, कहा विद्यार्थियों के बीच भेदभाव उचित नहीं
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी सरकार की ‘नॉलेज बैंक’ योजना के तहत टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ ने कहा कि सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच डिजिटल शिक्षा के अवसरों में अंतर नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में संघ के प्रांतीय अध्यक्ष मेजर स्वतंत्र मिश्रा और प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर सिंह बिष्ट ने कहा कि हाल ही में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के बाद सरकारी विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा एवं नॉलेज बैंक के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। हालांकि, इसमें सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया गया है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी बड़ी संख्या में गरीब, मध्यमवर्गीय और प्रतिभावान विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे विद्यार्थियों को भी डिजिटल शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 70 विधानसभाओं से चयनित 140 मेधावी विद्यार्थियों की सूची में सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी स्थान बनाया है। इसके अलावा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में भी इन विद्यालयों के विद्यार्थी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। संघ के मंडलीय अध्यक्ष संजय सिंह रावत ने मुख्यमंत्री से व्यापक छात्रहित में पूर्व की घोषणा में संशोधन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी ‘नॉलेज बैंक’ योजना में शामिल कर टैबलेट उपलब्ध कराए जाने चाहिए। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश संरक्षक डॉ. अनिल शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष जितेंद्र पुंडीर, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी और अजय बिष्ट, मंडलीय अध्यक्ष संजय सिंह रावत, प्रांतीय प्रवक्ता कैलाश थपलियाल, देहरादून जिलाध्यक्ष अवधेश सेमवाल, जिला मंत्री नकुल रावत, पौड़ी जिलाध्यक्ष भारत बिष्ट और जिला महामंत्री संदीप रावत शामिल रहे।