साथी की मौत से भड़के मजदूरों ने काम रोका

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चमोली। जोशीमठ राजमार्ग पर चारधाम परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान मंगलवार को घायल हुए मजदूर की बुधवार रात हायर सेंटर श्रीनगर में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे भड़के मजदूरों ने काम रोक दिया। कर्णप्रयाग-नंदप्रयाग के मध्य रात-दिन हो रहे कटिंग कार्य से पहाड़ियां नाजुक बन गई हैं और लगातार हो रहा भूस्खलन आवाजाही के लिए भी खतरा बना है। घंटों जाम से यात्री परेशान हैं और श्रमिकों की सुरक्षा रामभरोसे है। नाराज श्रमिकों ने गुरुवार को कार्य बहिष्कार कर सुरक्षा मांगी और मृतक को उचित मुआवजे की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी। एनएचआइडीसीएल के अवर अभियंता शशिकांत मणि एवं कार्यदायी कंपनी के एचआर गोविंद सिंह ने बताया कि मंगलवार को कर्णप्रयाग-जोशीमठ राजमार्ग पर उमा माहेश्वर आश्रम के समीप मजदूर जनक रावत पुत्र लाल बहादुर रावत निवासी वीपीओ केलॉंग क्येलंग 7/2 लाहौल एवं स्पीति हिमाचल प्रदेश चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ी पर वायर ब्रेकिंग लगा रहा था कि पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आ गया। इससे उसके सिर व रीढ़ की हड्डी पर चोट आ गई। कंपनी के वाहन से उसे उपचार के लिए उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग लाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर श्रीनगर गढ़वाल रेफर कर दिया, जहां बुधवार रात उसकी मौत हो गई। घटना के बाद चौड़ीकरण कार्य में जुटे नाराज कर्मचारियों ने गुरुवार को चौड़ीकरण कार्य रोक दिया और मृतक मजदूर के स्वजनों को मुआवजे देने की मांग की। मजदूरों का कहना था कि कार्यदायी संस्था ने उनका बीमा तक नहीं कराया है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित नही है। इस पर मौके पर पहुंचे कंपनी के मानव संसाधन अधिकारी एचसीसीपीएल- एससीसीपीएल के गोविंद सिंह ने मजदूरों और उनके स्वजनों की हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। अधिकारियों ने गु्रप इंश्योरेंस संबधी जानकारी देते हुए मृतक के परिजनों को त्वरित सहायता के रूप में 20 हजार रुपये दिए और मृतक के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

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