चमोली के 25 हिमाच्छादित गांवों में स्व-गणना शुरू, 31 अगस्त अंतिम तिथि

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जयन्त प्रतिनिधि।
चमोली : जनपद चमोली में जनगणना-2027 के तहत हिमाच्छादित एवं दुर्गम राजस्व ग्रामों के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जनपद की दो तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 25 हिमाच्छादित राजस्व ग्रामों में निवासरत नागरिक 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक स्व-गणना कर सकते हैं। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक 25 प्रगणक एवं 7 सुपरवाइजर इन गांवों में घर-घर जाकर मैपिंग एवं जनगणना संबंधी कार्य पूरा करेंगे।


इस चरण में ज्योतिर्मठ तहसील के अंतर्गत माणा, खिरोंन, भ्यूंडार, तोलमा, बम्पा, गमसाली, नीती, गुरगुटी, मेहरगांव, मलारी, कैलाशपुर, रेवाली चक कुरकुटी, फरकियागाँव, कोसा, जेलम, जुम्मा, लमतोली, कागा लगा द्रोणागिरी, गरपक, द्रोणागिरी, ऊँथ हनुमानचट्टी बेनाकुली, बदरीनाथपुरी शामिल हैं। वहीं चमोली तहसील के अंतर्गत रुद्रनाथ एवं पांगरवासा राजस्व ग्राम शामिल हैं। इन गांवों के नागरिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्व-गणना कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर लगभग 40 आसान प्रश्नों की जानकारी स्वयं दर्ज करनी होगी। स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राप्त कोड नंबर को सुरक्षित रखना आवश्यक है। आगामी 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच जब प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे, तब यह कोड नंबर प्रगणक को उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे जनगणना प्रक्रिया को सुगम एवं त्वरित रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जनपद के हिमाच्छादित एवं दुर्गम गांवों के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना-2027 की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए निर्धारित अवधि के भीतर स्व-गणना अवश्य पूरी करें। उन्होंने कहा कि स्व-गणना के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी एवं अपने परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे जनगणना कार्य को अधिक सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

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