जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित दुकानों को हटाने की कार्रवाई से पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर व्यापारियों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। एक सूत्रीय मांग को लेकर व्यापारी पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि अब तक किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।

व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रवीण भाटिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने शुक्रवार को शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। व्यापारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के बाहर जिस स्थान पर उनकी दुकानें संचालित हो रही हैं, वह उन्हें दशकों पहले उपलब्ध कराई गई थी। इन छोटी दुकानों से ही कई परिवारों की आजीविका चल रही है। व्यापारियों ने कहा कि अचानक दुकानें खाली करने का फरमान जारी होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की कि दुकानों को हटाने से पहले सभी प्रभावित व्यापारियों के लिए अन्यत्र स्थान की व्यवस्था की जाए, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो। धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कोटद्वार में बाजार और यातायात बंद कराने की चेतावनी भी दी। धरने में प्रदीप कुमार, संदीप डोबरियाल, सोनू सैनी, जगन लाल, राकेश भाटिया, हरदीप सिंह, रजनीश, भूपेश चंद्र, मुकेश कुमार वर्मा, अर्जुन सिंह बिष्ट, रतन लाल, पुनीत वर्मा और मंगत राम सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।