श्रीकृष्ण जन्म की झांकी रही आकर्षण का केन्द्र

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के ग्राम पंचायत बसड़ा में आयोजित श्रीमदभागवत कथा में प्रवचन करते हुए आचार्य सुधीर ध्यानी ने कहा कि भागवत कथा में ज्ञान की ऊर्जा बहती है। भगवान श्रीकृष्ण पूर्णब्रह्म के अवतार है उनकी कथा सभी रसों से समन्वित है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्म की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
आचार्य सुधीर ध्यानी ने कहा कि दसावतारों में भगवान श्री कृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार हैं उनके जीवन में त्याग तथा भोग का समन्वय है। वे 16 कलाओं से सम्पूर्ण हैं। जब इस पृथ्वी पर दुष्ट दैत्यों का बल बढ़ गया तो धर्म की रक्षा के लिए द्वापर युग में उन्होंने अवतार लिया तथा आतताइयों को दंड देकर इस भूमि का भार उतारा। गोकुल वृन्दावन में अपनी दिव्य लीलाओं के माध्यम से उन्होंने गोप-गोपियों को आनन्द प्रदान किया। भगवान श्रीकृष्ण प्रकृति प्रेमी है उन्हें पेड़-पौधों वनों से अत्यधिक प्रेम है, इसी कारण वनमाली तथा वनवारी उनके 2 प्यारे नाम पड़े। वे श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ तथा कुशल संगीतज्ञ हैं। उन्होंने प्रेम की बांसुरी बजाकर सम्पूर्ण वृज मंडल को प्रेम के सूत्र में बांध दिया। कथा में लैंसडौन विधायक दिलीप रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुमन कोटनाला, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह नेगी, मोहन सिंह नेगी, रमेश नौटियाल, कपोत्री देवी, गोविंदी देवी, सरिता देवी, हेमंत नेगी, अमित भारद्वाज, शैलेन्द्र गढ़वाली, रघुबीर बिष्ट सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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