जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जिला बाल कल्याण समिति पौड़ी गढ़वाल के तत्वावधान में राजकीय बालिका इंटर कालेज थलनदी में अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य कपिल रतूड़ी ने कहा कि किशोर अवस्था में बहुत ही संयमित तरीके से जीवन जीना पड़ता है, जिससे सुखद भविष्य की नींव पड़ती है।
बाल विवाह एक सामाजिक अपराध कार्यक्रम में कपिल रतूड़ी ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अपराध है, इसे सामाजिक संगठनों सहित स्कूलों के माध्यम से जन जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से ही समाप्त किया जा सकता है। कहा कि आज के सोशल मीडिया के जमाने में छात्रों को बहुत ही संयमित रहना होगा, जिससे वे बाल अपराध की ओर न बढ़ सके और इसके लिए विद्यालय के गुरुजनों सहित छात्रों के अभिभावकों को आगे आना होगा। कहा कि कम उम्र में अथवा बाल उम्र में विवाह करने से शारीरिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक नुकसान भी होता है, जिससे जीवन पतन की ओर चला जाता हैं। जिला दत्तक एजेंसी के प्रबन्धक अभिनव नेगी ने छात्रों को उनके व्यवहार में हो रहे परिवर्तन से अवगत कराया। उन्होंने छात्रों को नशा, चोरी, यौन उत्पीड़न आदि विषयों से दूर रहने की सलाह दी। कहा कि बच्चों के किसी प्रकार के शोषण की जानकारी चाइल्ड हेल्प लाइन के माध्यम से जिला बाल कल्याण समिति को दे सकते हैं। चाइल्ड हेल्प लाइन की प्रबन्धक श्रीमती शकुन्तला नयाल ने कहा कि चाइल्ड हेल्प लाइन का नम्बर 1098 रात-दिन खुला रहता है, जिसके माध्यम से 18 वर्ष से कम के बच्चों के साथ हो रही किसी भी प्रकार के शोषण की जानकारी दे सकते हैं। जिला बाल कल्याण समिति पौड़ी के अध्यक्ष राकेश चंद्र बिड़ालिया ने जिलों में बढ़ रहे बाल अपराध की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में बाल कल्याण समिति के समक्ष100 अधिक मामले बाल अपराध के आए हैं। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती रेणु गौड़, शिक्षिका कविता रावत, संगीता, मनीष चंदोला, पुलिस उपनिरीक्षक बृजेश त्रिपाठी, संजीव चौधरी आदि उपस्थित थे।